Friday, 28 August 2020

sad love shayari

1.Bicharte waqt uss ne kaha tha, na sawal karna , na jawab milega, tum bhool  jana, sakoon milega....
Hum Iss muqam per th..
Na sawal Kiya, na jawab Mila 
Na bhool sakey, na sakoon Mila

Dard shayari

1. इतनी ठोकरे देने के लिए शुक्रिया ए ज़िन्दगी,
चलने का न सही सम्भलने का हुनर तो आ गया।

2.आगे आती थी हाल-ए-दिल पे हँसी
अब किसी बात पर नहीं आती
है कुछ ऐसी ही बात जो चुप हूँ
वर्ना क्या बात कर नहीं आती
हम वहाँ हैं जहाँ से हम को भी
कुछ हमारी ख़बर नहीं आती
मरते हैं आरज़ू में मरने की
मौत आती है पर नहीं आती
काबा किस मुँह से जाओगे 'ग़ालिब'
शर्म तुमको मगर नहीं आती

3.अब ख़ुशी है न कोई दर्द रुलाने वाला , 
हम ने अपना लिया हर रंग ज़माने वाला

4.मेरे साथ बैठ के वक़्त भी रोया एक दिन,
बोला बन्दा तू ठीक है,मैं ही खराब चल रहा हूँ..

motivational quotes in English

1. Use your eyes to see the needs, and use your talents to meet them.

2.Let go of anything that you dont love about your life story and just keep the things you love

3.The key to success is your thoughts and feelings, and you have been holding the key in your hand all of your life.

4.Never think you are nothing  Never think you are everything But always think you are something & you can achieve anything.

5.No matter who you are and what happens in your life, you still have the chance to turn your life around and be great.

6.Take control of your destiny. Believe in yourself. Ignore those who try to discourage you. Avoid negative sources, people, places, and habit

7. Before you give up, think about why you held on so long.

motivational quotes in hindi

1. चल ज़िंदगी नई शुरूआत करते हैं,
टूटते हुए सपनों को साकार करते है 
जहा खुशी मिले वहीं काम करते है
चल जिंदगी तुझे आसान करते है 
- पुनीत जैन 

2. आँखों में सपने हैं,
क़दमों में इरादा है;
खुद को मंजिल तक पहुंचाने का
मेरा मुझसे वादा है!

3.लड़ूंगा नहीं तो जीतूंगा कैसे
संघर्ष का साथी हूं रुकूंगा कैसे
कांटो का काम हे चुभना
उन्हें  कुचलूंगा नहीं तो चलूंगा कैसे

4.होंसला मत हार गिरकर ऐ मुसाफिर।
        अगर दर्द यहाँ मिलता है तो दवा भी यहीं मिलेगी।

5.ज़िन्दगी मे जो भी हासिल करना हो
   उसे वक्त पर हासिल करो
   क्योंकि ज़िन्दगी मौके कम
    और अफसोस ज्यादा देती है ।

6.आंखे कितनी भी छोटी क्यो ना हो !!
ताकत तो उसमे सारा आसमान देखने
की होती है !!
ज़िन्दगी एक हसीन ख़्वाब है 
जिसमें जीने की चाहत होनी चाहिये,
ग़म खुद ही ख़ुशी में बदल जायेंगे,
सिर्फ मुस्कुराने की आदत होनी चाहिये !!

7.जिस दिन "आपने अपनी " सोच
बड़ी करली 
उस दिन 'बड़े बड़े' लोग आपके
बारे में सोचना शुरू कर देंगे !!

8. वक़्त से लड़कर जो नसीब बदल दे;
इंसान वही जो अपनी तक़दीर बदल दे;
कल होगा क्या, कभी ना यह सोचो;
क्या पता कल खुद वक़्त अपनी तस्वीर बदल दे

9. झुठी शान के परिंदे ही ज्यादा फड़फड़ाते हैं ,,
तरक्की के बाज़ की उडान में कभी आवाज़ नहीं होती ।

10.वक़्त तू कितना भी सता ले हमें
लेकिन याद रख
किसी मोड़ पे तुझे भी मैं
बदलने पर मजबूर कर दूँगा

11.परिंदे रुक मत तुझमे जान बाकी है
मन्जिल दूर है, बहुत उड़ान बाकी है..
आज या कल मुट्ठी में होगी दुनियाँ
लक्ष्य पर अगर तेरा ध्यान बाकी है...

12. यूँ ही नहीं मिलती प्रभु की मेहरबानी
एक से बढ़कर एक इम्तेहान बाकी है
जिंदगी की जंग में है हौसला जरुरी
जीतने के लिए सारा जहान बाकी है ||

13. अकेले करना पड़ता हैं सफ़र 
जहाँ में कामयाबी के लिए,
क़ाफ़िला और दोस्त अक्सर
कामयाबी के बाद ही बनते हैं

तुम से कोई सीखे

तुम से सीखे कोई ये अदा,
 पानी में आग लगता हैं
 आँख से आँख मिलता हैं,
जिगर में अतल तक झांकता हैं,
दिल में कसीस पैदा करता हैं
 पत्थर को मोम बनाता हैं,
शीशे को पिगालता हैं
 पतझड़ में सावन लाता हैं
 पुरे वजूद में  सनसनी फैलता हैं,
 तपन भरी दोपहरी में ठंडी छाव हैं,
 अंधेरे में कंदिल भरी रोशनी हैं,
     तेरे प्यार की खुशबू से 
      जहा मेरा मेहकता हैं। 
                           

तेरी मस्कराती आँखे

तेरी मुस्काती आँखे
                खामोसी से कुछ कहने को 
                    उठाती पलक हैं,
                गिरती पलक ले जाती 
             इश्क के गहरे गलियारों में हैं,
                तेरे ओठ लरज जाते 
                  कुछ कहने को हैं 
             जितना कहते लफ्ज तेरे 
               लगता उससे ज्यादा 
           छिपा रहे खुद को भीतर हैं,
              कभी अबूझ पहेली से 
                एकदम अनजाने ,
             कभी इतने करीब कि
               तेरी सांसे लगाती 
              मेरे दिल के भीतर 
        धड़क रही मधुर तान लिये हैं,
             तेरी भावभरी आँखे 
         अंदर तक सिहरा देती हैं,
          खुमारी में डुबो देती हैं। 
                                                    

अगर तुम चाहो तो आ जाओ

अगर तुम आना चाहो 
                              तो आओ,
                        उस बदली की तरह 
                          जो लाये संदेशा,
                         मेघो को बरसाने 
                           घटा छायेगीं,
                        अगर तुम ----
               उस काती कि बरीस कि तरह,
                जिसका इंतजार तो नहीं 
                       पर बरसे तो 
               धरा को मदहोश कर जाती,
                     अगर तुम------
                     उस पो फटती
               भोर की किरण कि तरह,
                जो अँधेरे को निगल 
                  उजाला भर देती,
                  अगर तुम -------
                उस रात कि तरह,
            ख्वाबो को ताबीर देती,
           नींद को मीठी लोरी देती, 
          अगर तुम आना चाहो तो
                आजाओ 
         बसेरा करने मेरे दिल में।
                                                       

तुम सुनो तो कहूं

तुम सुनो  तो कहूँ 
                          कोई दूर से पुकारता,
                          फ़िज़ा में धुन
                          प्यार को छेड़ता, 
                         मोहबत की ये दास्ता,
                         तुम सुनो तो कहुँ,
                        प्रीत का खामोश सफर,
                         लफ्जो की बस 
                         चुपी सी लगी है ,
                         नजरो की सदा है ,
                         धडकनो की नाद पे ,
                        दिल की सुन ले दास्ता,
                        ढलती रात की ख़ामोशी में 
                         अजीब सा नशा है,
                         तुम सुनो तो..
                                                         

उसे कभी पाया नहीं तुम्हे कभी खोया नहीं

उसे कभी पाया नहीं 
तुम्हे कभी खोया नहीं,
  जीवन तुम से 
वो जिंदगी बन गया,
तुम धडकनो में धड़कते रहे 
 वो सांसे बन गया,
तुम्हे हर जगह पाया 
वो हर पल साथ हो गया,
तुम लफ्ज ना बन पाये 
वो अलफाज बन गया,
उसे पाकर भी पाया नहीं 
तुम्हे खो कर भी खोया नहीं,
वो जिंदगी की हकीकत बन गया। 
    

तेरा प्यार

जब झांकता हूं
तेरी आँखों के
जल सागर में,
प्यार का सैलाब 
उमड़ता नजर आता है,
जल सागर की लहरो पर 
इश्क की कश्ती
साहील पाती,
खुद की हर सीमा 
पार करता,
तेरी हद को ना लांघता,
तेरे दील के समंदर में 
नदी बन समाता
तेरे आँखों के 
प्यार के जल-सागर में ही 
मुहोब्बत की पाकजगी पाता। 

चलो आज फिर बीते दिनों का लुत्फ़ उठाते है

चलो आज फिर 
बीते दिनों का लुत्फ़ उठाते हैं,
कुछ पुराने किसे
फिर से दोहराते हैं,
उन्ही के संग बह जाते हैं,
वट पे डाल झूले की पींग 
फिर से मचकते हे,
चलो आज फिर-- 
बारिश में भीग लेते हैं,
पानी में कागज की नाव 
फिर से तिराते हैं,
चलो आज फिर-- 
यादें ताजा कर लेते हैं, 
पुराने खत पढ लेते है,
कुछ फिर नये लिख देते हैं,
चलो आज फिर--
बेफिक्री की हँसी हंस लेते हैं,
भर पूर जिंदगी जी लेते हैं,
चलो आज फिर--- 

मै बन जाऊ

घटा बन कर छा जाऊ गिरि पर या 
                                   बरस जाऊ मरू में
                                  यह मेरी तमन्ना है ,
                                 तुम  क्यों  विचली हो,
                              मैं कलरव करती नदी की
                                तरह बह जाऊ या,
                         झरना बन चट्टानों से गिर जाऊ,
                           प्रकर्ति की घटा में खो जाऊ,
                             आंधी बन उड़ जाऊ या ,
                         मंद मस्त बयार बन बह  चलूँ,   
                      यह है मेरा जीवन मैं  जी भर जी जाऊ,
                     एक बून्द बंद  सीपी का मोती बन जाऊ।,
                                 यह  है मेरी आरजू ,
                   मैं सुबह की ओस की निर्मल बून्द बन जाऊ ,
                                  मैं खो जाऊ,
                      मैं भी तो उसी रचियता की हूँ रचना। 
                                                                            

मा

1. मां तो जन्नत का फूल है,
प्यार करना उसका उसूल है ,
दुनिया की मोह्ब्बत फिजूल है ,
मां की हर दुआ कबूल है ,
मां को नाराज करना इंसान तेरी भूल है ,
मां के कदमो की मिट्टी जन्नत की धूल है

2. मेरी दुनिया में इतनी जो शौहरत है मेरी माँ की बदौलत है .. ऐ मेरे ऊपर वाले  और क्या देगा तु मुझे मेरी माँ ही मेरी सबसे बड़ी दौलत है..

3.माँ के कदमो में 
स्वर्ग हैं,
तो माँ की जनत भी तो 
वास करती संतान में,
तुझ में संस्कार भरती तो,
माँ में भी तो जज्बात भरता ,
तभी ममता 
हिया हिलोरे मारती,
पूर्णता पाती तुझे पाकर,
तुम्हे ना पाती तो 
माँ कहा होती।
 

तेरी मुस्काती आँखे

तेरी मुस्काती आँखे
                खामोसी से कुछ कहने को 
                    उठाती पलक हैं,
                गिरती पलक ले जाती 
             इश्क के गहरे गलियारों में हैं,
                तेरे ओठ लरज जाते 
                  कुछ कहने को हैं 
             जितना कहते लफ्ज तेरे 
               लगता उससे ज्यादा 
           छिपा रहे खुद को भीतर हैं,
              कभी अबूझ पहेली से 
                एकदम अनजाने ,
             कभी इतने करीब कि
               तेरी सांसे लगाती 
              मेरे दिल के भीतर 
        धड़क रही मधुर तान लिये हैं,
             तेरी भावभरी आँखे 
         अंदर तक सिहरा देती हैं,
          खुमारी में डुबो देती हैं। 
                                                    

तुझ- सा है पर तुझ- सा बिल्कुल नहीं

तुझ-सा हैं,पर 
तुझ-सा बिलकुल भी नहीं 
कोई हरकत ना 
शरारत की कमी,
पर तेरे करीब होने के 
हर अहसास की खामी ,
ख्वाबो से परे,
पलट हकीकत में
बिलकुल भी नहीं ,
तेरा अक्स ही तो हैं,
तुझ-सा हैं पर 
तुझे-सा बिलकुल भी नहीं,
तेरा ही प्रतिबिंब,
हरदम साथ मेरे,
फिर भी एक खालीपन 
भीतर मुझ में,
तुझ-सा हैं,पर 
तुझ-सा बिलकुल नहीं। 

मै नारी हूं

मैं नारी हूँ,
             जज्बातों  से भरी हूँ.
                किन्तु दॄढ़ हूँ,
            गिरती हूँ उठती हूँ
        पुनः:सबल होने को तत्पर,
     केवल अपने निश्चय पर चालू , 
            ये हो पता नहीं,
            आरम्भ भी मैं,
              अंत भी मैं,
     केवल ठहराव से डरती हूँ मैं,
     मेरी सीमाऐं खूँटी पर टांग
        बांधी गई स्वार्थो में,
         मैं जीवट दिखती,
     बरसो बरस से परजीवी,
   कहाँ;कैसे क्यों किस समय 
       जाना,आना,करना,
    यह तय कोई और करता,
         जीवन मेरा पर 
         कोई और जीता,
      विवशत से डरती हूँ,
 मेरी हर सीमाओ को बांधा गया ,
     मैं सीमा से डरती हूँ,
 जो मुझे संकुचित कराती। 
                                                 

मै झांकना चाहता हूं

मैं झांकना चाहता हूँ 
                                     तुम्हारी प्यार भरी
                                          आँखों की 
                                     नीरव ख़ामोशी में ,
                                           ताकि
                                   भूल सकू खुद को,
                                    इस तडफन को ,
                                     अपनी रूह के
                                         दर्द को , 
                                   मैं स्पर्श करना
                                     चाहता हूँ,
                                  तुम्हारी प्रीत भरी 
                                 बाहो की आगोश को 
                                 ताकि उतर आए 
                              तुम्हारे दिल का प्यार 
                                  मेरी आत्मा की 
                                  तहो तक और 
                                      शिद्दत से
                                   महसूस कर सकूँ,
                                  तुम्हारी उस खामोश 
                                 प्यार भरी छुअन को ,
                                 मिले एक नई स्पंदन 
                                     मेरे दिल की
                                     धड़कन को  
                                             

एक बार नकाब हटा कर तो देख

एक बार नकाब 
हटा कर तो देख ,
कोहरे के पार भी हैं 
सुनहरी किरणों की रंगत 
बादलो के पार हैं 
सुरज का डेरा,
नकाब हटा कर देख,
लहरो में छिपा हैं 
रंगीन जहाँ सिपी घेंघो का,
चिडीया का बसेरा 
घने जंगल में भी हैं,
नकाब हटा कर तो देख,
रंगीन हर नजारा हैं ,
दरवाजे तक आकर 
दस्तक देते-देते 
क्यू रह जाते हो 
हाथ बढ़ा कर तो देख,
शरीर से परे 
रूह में मोहब्बत हैं,
नीलाम्बर पार
इन्द्रधनुष भी हैं,
नकाब हटा कर तो देख। 

मैंने देखी है

गमे दिल में भी मेने 
मोहब्बत की रवानगिया देखि है,
आँखों में तैरती मेने 
इश्क की सुर्खिया देखि है,
होठो पे खिलाती मेने 
प्यार की दस्ता सुनी है,
खुली आँखों से 
गलबहियाँ करते मेने 
दो हस्तिया देखि है,
हंसती-खिलखिलाती मेने  
प्रीत की बस्तिया देखि है। 
                                                          

वो दिन फिर ना आएगा

वो दिन फिर नही आएगा,
फिर न दोहराया जायेगा,
ना कोख में मारी जाओगी,
तुम बनजा सबल
वरना असको से नहला
दिया जायेगा,
कह दिया जायेगा 
यह तो थी बेचारी अबला,
तोड़ दे वो जंजीरे जो 
गहना बना पहना दिया है
सीता व सावित्री ने,
उतार दे, फाड़ दे 
वो बदरंगी चादर,
कर दे इन
विचारो का सहार,वरना 
तेरा सहार कर दिया जायेगा,
अबला ही रह जाएगी। 

तेरा इंतज़ार

तुझ से मिलने से बढ़कर होता 
तेरा इंतजार ,
व्याकुल करता 
विरह का लम्बा खींचना,
कभी आँखे 
छलक-छलक जाती है,
कभी दिल 
बेक़रार हो उठता,
आ ऐसे मिल कि
मिलन की चाह रहे
दिल में,
हसरत रहे आँखों में,
प्यास रहे अधरो पर,
तुम रहो धडकनो में,
प्यार तेरी आँखों में
अहसास मेरी सांसो में,
चाहत दिल में
अरमा आँखों में। 

बचपन

अनुभवों में भी जा मिला 
         बचपन से,
     छाया था मन पर,
      बस पलट देह में
 बचपन ही तो ना लोटा था,
  होठो की हसी पे नचा था,
आसमाँ को मुठी में रखने की 
       कुवत भरी थी,
  किलकारी-सा गुंजन 
     करता लोटा था ,
 जीवन के गलियारों में,
   बस पलट बचपन ही
      ना लोटा था। 
              

Wednesday, 12 August 2020

पदचिह्न

फिसलन भरी रेत पर 
               अपने पदचिन्ह 
                बनाता चला,
              सनक में आती 
               निर्मम लहर,
          मेरे चंद कदमो के निसा 
             मिटाता चला,
             पर वापसी पर 
       एक निसान फिर भी छूटता, 
        खाली जगह जो रह जाती,
             जो बहुत कुछ 
      कहता सुनाता गुनगुनाता,
        ख़ामोशी में झंझोरता,
        दिल और दिमाग की 
         जंग मजेदार होती,
     देह द्वन्द्व नहीं देख पाता,
         भीतरी जंग को 
    ऊर्जा सबलता और चेतना देता। 
                                 

चांदनी

धुंध से झांक कर 
निकलती हुई चांदनी,
धुंध पर पाव रख कर 
आती चांदनी,
प्यार के पंख पसार
क्षितिज को नपती
इठलाती चांदनी,
अकेली थी
साथ पागई धुंध का,
चहकती बल खाती
ले साथ धुंध का 
उतर आई धरा को 
छूने चांदनी,
धुप ने भी पाया 
मुकाम प्यार का
खो गई धुप में 
मोहब्बत की 
आस में चांदनी।