जब झांकता हूं
तेरी आँखों के
जल सागर में,
प्यार का सैलाब
उमड़ता नजर आता है,
जल सागर की लहरो पर
इश्क की कश्ती
साहील पाती,
खुद की हर सीमा
पार करता,
तेरी हद को ना लांघता,
तेरे दील के समंदर में
नदी बन समाता
तेरे आँखों के
प्यार के जल-सागर में ही
मुहोब्बत की पाकजगी पाता।
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