मैं झांकना चाहता हूँ
तुम्हारी प्यार भरी
आँखों की
नीरव ख़ामोशी में ,
ताकि
भूल सकू खुद को,
इस तडफन को ,
अपनी रूह के
दर्द को ,
मैं स्पर्श करना
चाहता हूँ,
तुम्हारी प्रीत भरी
बाहो की आगोश को
ताकि उतर आए
तुम्हारे दिल का प्यार
मेरी आत्मा की
तहो तक और
शिद्दत से
महसूस कर सकूँ,
तुम्हारी उस खामोश
प्यार भरी छुअन को ,
मिले एक नई स्पंदन
मेरे दिल की
धड़कन को
No comments:
Post a Comment