अगर तुम आना चाहो
तो आओ,
उस बदली की तरह
जो लाये संदेशा,
मेघो को बरसाने
घटा छायेगीं,
अगर तुम ----
उस काती कि बरीस कि तरह,
जिसका इंतजार तो नहीं
पर बरसे तो
धरा को मदहोश कर जाती,
अगर तुम------
उस पो फटती
भोर की किरण कि तरह,
जो अँधेरे को निगल
उजाला भर देती,
अगर तुम -------
उस रात कि तरह,
ख्वाबो को ताबीर देती,
नींद को मीठी लोरी देती,
अगर तुम आना चाहो तो
आजाओ
बसेरा करने मेरे दिल में।
No comments:
Post a Comment