1. मां तो जन्नत का फूल है,
प्यार करना उसका उसूल है ,
दुनिया की मोह्ब्बत फिजूल है ,
मां की हर दुआ कबूल है ,
मां को नाराज करना इंसान तेरी भूल है ,
मां के कदमो की मिट्टी जन्नत की धूल है
2. मेरी दुनिया में इतनी जो शौहरत है मेरी माँ की बदौलत है .. ऐ मेरे ऊपर वाले और क्या देगा तु मुझे मेरी माँ ही मेरी सबसे बड़ी दौलत है..
3.माँ के कदमो में
स्वर्ग हैं,
तो माँ की जनत भी तो
वास करती संतान में,
तुझ में संस्कार भरती तो,
माँ में भी तो जज्बात भरता ,
तभी ममता
हिया हिलोरे मारती,
पूर्णता पाती तुझे पाकर,
तुम्हे ना पाती तो
माँ कहा होती।
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